गाड़ा टाइम्स ब्यूरो, मेरठ (पश्चिम उत्तर प्रदेश): पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और गरमा-गरम खबर आ रही है। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मजबूत और जमीनी नेता अक्षय चौधरी अतलपुर का कद पार्टी में और बड़ा हो गया है। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह जी की रजामंदी से और क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक जी की संस्तुति पर अक्षय चौधरी को हस्तिनापुर क्षेत्र की क्षेत्रीय कमेटी में क्षेत्रीय मंत्री के बेहद अहम पद पर तैनात किया गया है। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, अतलपुर गांव से लेकर पूरे मेरठ और हस्तिनापुर इलाके में रालोद कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और मिठाई के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। जमीन से जुड़े नेता हैं अक्षय: पहले भी संभाल चुके हैं कई बड़े पद अक्षय चौधरी अतलपुर कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं, उन्होंने राजनीति में बहुत नीचे से काम करके अपनी पहचान बनाई है। वो कहते हैं न कि "जो जमीन पर पसीना बहाता है, चौधरी चरण सिंह की विरासत में उसी को मान मिलता है।" अक्षय चौधरी इससे पहले भी पार्टी में कई बड़ी जिम्मेदारियां बखूबी निभा चुके हैं। वो: • जिला उपाध्यक्ष के रूप म...
वॉशिंगटन: अमेरिका की राजनीति में इस समय एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मूल के राजनेता जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) जैसे चेहरों द्वारा अमेरिकी राजनीति में मुस्लिम और दक्षिण एशियाई प्रतिनिधित्व की मजबूत नींव रखने के बाद, अब एक और नया इतिहास रचने जा रहा है। प्रख्यात महामारी विज्ञानी (Epidemiologist) और प्रगतिशील नेता डॉ. अब्दुल अल-सईद (Dr. Abdul El-Sayed) ने मिशिगन प्राइमरी में अपनी पहली बड़ी चुनावी जीत हासिल कर ली है। इस जीत के साथ ही वे मिशिगन से डेमोक्रेटिक पार्टी के आधिकारिक सीनेट उम्मीदवार बन गए हैं। अगर वे नवंबर 2026 में होने वाले मुख्य चुनाव में जीत दर्ज करते हैं, तो वे अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन (Senate) में पहुँचने वाले इतिहास के पहले मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर बनेंगे। ₹500 करोड़ के चक्रव्यूह को तोड़कर हासिल की पहली जीत अब्दुल अल-सईद की यह पहली सीनेट प्राइमरी जीत मामूली नहीं है। इस चुनाव में उनके खिलाफ इजरायल समर्थक लॉबी (AIPAC) और अन्य दक्षिणपंथी समूहों ने पानी की तरह पैसा बहाया था। उनकी प्रगतिशील विदेश नीति और गाजा में इजरायली कार्रवाई के कड़े विरोध के कारण,...